स्टॉक मार्केट का इतिहास हिंदी में

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स्टॉक मार्केट की व्याख्या

स्टॉक मार्केट व इक्विटी मार्केट अथवा शेयर बाज़ार एक संस्था की तरह होता है जहा ख़रीददार और बिचौलिए शेयर्स व अन्य आर्थिक साधनों की लेंन-देंन करते है | पुराने दिनों में शेयर्स का लेंन देंन भौतिक सर्टिफिकेट के स्वरुप में होता था मगर नयी टेक्नोलॉजी की वजह से वो अब लगभग आभासी मंच से होने लगा है | शेयर ट्रेडिंग वास्तविक स्वरुप में भी होती है मगर वो अब बड़ी आर्थिक संस्थाए, बैंक और बड़े व्यापारी ही करते है |
२०१२ के ख़त्म होते होते , जागतिक शेयर बाज़ार का पूंजीकरण लगभग ५५ लाख अरब था | उसमे अमिरीकी मार्केट का हिस्सा ३४% था, जापान और यूके का सहभाग ६% के करीब था |
विश्व में लगभग ६० शेयर बाज़ार है और उनकी पूंजी एकत्रित की जाये तो वो लगभग ६९ लाख अरब की करीब आएगी. उसमे से प्रमुख १६ बाज़ार का पूंजीकरण १ लाख अरब से जादा है और उनका आरती विश्व बाज़ार में हिस्सा करीब ८७% के करीब है | इन १६ मुख्य बाजारों को तिन खंडो के हिसाब से आक़ा जाता है और वो है आशियाई बाज़ार , यूरोपियन बाज़ार और उत्तरी अमिरीकी बाज़ार |
Stock exchange in India

भारतीय शेयर बाज़ार

भारत में मुख्य दो शेयर विनिमय संस्थाए है, एक है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) व दूसरा है बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE). इन्ही दो एक्सचेंजो में सर्वाधिक शेयर व्यपार होता है | बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज १८७५ में शुरू हुआ था तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की खोज १९९२ में की गयी थी और उसमे व्यापर १९९४ में प्रराम्भित हुआ था |
BSE और NSE दोनों अलग एक्सचेंजेस है मगर दोनों का कम करने का तरीका, मार्केट अवधि और समजोता पद्धति, इत्यादी एक ही तरह की है | BSE  में लगभग ४७०० कंपनिया सूचीबद्ध है तो उसका प्रतिद्वंद्वी NSE में लगभग १२०० कंपनिया मै व्यापार होता है | BSE की मुख्य ५०० कंपनियो में मार्केट का लगभग ९०% पूंजीकरण शामिल है तो बाकि १०% शेयर कम अदयातन मात्रा ( वॉल्यूम) से ट्रेड होते है |
How stock exchange works

शेयर बाज़ारो की कार्यप्रणाली

शेयर बाज़ार में कंपनिया अपने शेयर बेच कर अपना व्यापार बढ़ाने वा आगे ले जाने के लिए पूंजी इकठ्ठी करने का काम करतीं है | अधिकतम कंपनिया यही रास्ता चुनती है औए उनके शेयर प्राथमिक सार्वजानिक प्रस्ताव (IPO ) के द्वारा बाज़ार में सामान्य जनता को बेचती है व उनसे पूंजी एकत्रित करती है | कर्ज लेकर उसपे अधिक ब्याज देने के बजाय कंपनिया के लिए आईपीओ का रास्ता सीधा और सरल होता है | कभी कभी अपना कर्ज कम करने के लिए भी कंपनिया आईपीओ या FPO ( अनुगामी सार्वजनिक प्रस्ताव ) बाजारों में लाती है | जो लोग कम्पनीयों के शेयर खरीदते है वो उस कंपनीके हिस्सेदार बन जाते है | अगर कम्पनी लाभ करती है तो उन्हें लाभांश भी मिलता है व उसके वजह से उनके शेयर के भाव भी बढ़ता है |
एक बार कंपनी लिस्ट हो जाती है तो उसके शेयर्स में व्यपार प्रारभित हो जाता है | मार्केट खुलने और बंद होने के बिच में आप जाहे जितनी बार उसमे खरीद वा बिक्री कर सकते है | मार्केट में व्यापार के लिए ख़रीददार और विक्रेता दो नो की जरुरत होती है | दोनों में जो सहमती से व्यापार होता है उसे “सौदा” कहते है | मार्केट में सौदे लगातर मांग और आपूर्ति के वजह से, मार्केट समाचार और मार्केट की मनोदशा की वजह से अलग अलग भाव पे होते है, उसी वजह से हम शेयर के भावो में चढ़ और उतार महसूस करते है |
शेयर बाज़ार दिन ब दिन आत्याधिक जटिल बनते जा रहे है मगर उनमे व्यापार करना उतनाही सरल होते जा रहा है | सरल शब्दों में शेयर बाज़ार में कंपनी के शेयर्स की खरीद- बिक्री होती है |
History of stock exchange in India

भारतीय शेयर बाज़ार का इतिहास

भारत में प्रथम संघटित शेयर बाज़ार सन १८७५ में मुंबई में शुरू हुआ था जो की एशिया का सबसे पुराना शेयर बाज़ार है | १८९४ में अहमदाबाद मे कपडा मिलो के शेयर ट्रेडिंग के लिए विनिमय केंद शुरू किया गया | १९०८ में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज जुट व संबंधित व्यापार के लिए शुरू किया | मद्रास स्टॉक एक्सचेंज १९२० में स्तापित किया गया | भारत में लगभग २४ स्टॉक एक्सचेंज थे उसमे से २१ क्षेत्रीय व्पापार बढ़ाने के लिए शुरू किये गए | सुधार प्रणाली द्वारा २ मुख्य एक्सचेंज अस्तित्व में आये वो थे नॅशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और ओवर द काउंटर एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (OICEI) जिनमे राष्ट्रव्यापी व्यापार होता है |
स्टॉक एक्सचेंज मुख्यतः गवर्निंग बोर्ड व कार्यकारी मुख्यो द्वारा चलाये व शासित किये जाते है | वित् मंत्रालय उन्हें अधिनियमित और नियंत्रित करता है | सरकार ने अप्रैल १९८८ में सेबी की स्थापना की जो एक मार्केट रेगुलेटर है व शेयर व्यापार उद्योग को अधिनियमित व विकसित करने का भी काम करता है |
Stock market history

शेयर बाजारों का वैश्विक इतिहास

१२वी शताब्दी में फ्रांस में राजाओं के वफादार व्यक्ति कृषि समुदायों के कर्ज का प्रबंधन व नियमन करते थे | यही व्यक्ति कर्ज का व्यापार स्वरुप लेनदेन की करते थे तो इस प्रकार वे दुनिया के प्रथम दलाल कहलाते हे |
एक आख्यायिका ये भी के बेल्जियम के ब्रुज शहर में कमोडिटी व्यापारी इक व्यक्ति जिसका नाम वैन डे बुर्जे था उसके घर में मीटिंग के लिए इकठा होते थे जो जगह १४०९ में “बुर्जे बौर्से “ के नामसे जानी गयी | उसके बाद इसी तरह की मीटिंग बेल्जियम के अन्तवेर्प शहर में हुई जहा उस वक्त के सबसे ज्यादा व्यापारी रहा करते थे और वो जगह कमोडिटी व्यापार करने की जगह बन गयी | यह खबर आसपास के शहरों व राज्यों में फ़ैल गयी व इसी तरह बेउर्जें की स्थापना हुई |
13 वी शताब्दी में वैटिकन बैंकर्स सरकारी सिक्योरिटीज में व्यापार करते थे | १३५१ में सरकार ने सरकारी फंड्स की कीमतों को गिरनेवाली अफवाहों को गैर क़ानूनी घोषित किया | १४ वी शताब्दी में पिसा, जेनोआ, वेरोना और फ्लोरेंस के बैंकर्स ने सरकारी सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग सुरु की | ये इस लिए संभव हो पाया क्योकि यह शहर और राज्यो पर राजा का प्रभाव नहीं था, इन्हे जनपरिषद चलते थे | मार्केट में शेयर उतारने वाली सबसी पहेली कंपनिया इटालियन थी | यही परमपरा इंग्लैंड और बाकि देशो में १६ वी सदी तक फ़ैल चुकी थी |
१६०२ में डच ईस्ट इंडिया कंपनी पहेली जॉइंट स्टॉक कंपनी थी जिसने फिक्स कैपिटल शेयर दिए थे उसी वजह से इन शेयर्स में अलग अलग एक्सचेंजों में ट्रेडिंग मुमकिन थी | इसके तुरंत बाद एम्स्टर्डम एक्सचेंज में आप्शन और डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग की सुरुवात हुई | डच ट्रेडर्स ही थे जिन्होंने “ शोर्ट सेलिंग” की इजाद की थी जिसे बाद में १६१० में प्रतिबंधित घोषित कर दिया था | अब दुनिया हर एक विकसित और विकसनशील देशों वास्तव में शेयर मर्केट्स है | दुनिया के सबसे बड़े मार्केट में अमिरीकी शेयर बाज़ार, UK का शेयर बाज़ार, जापान, भारत , चीन , कनाडा और जर्मनी के शेयर बाज़ार शामिल है |
History of the American stock market

अमिरीकी शेयर बाज़ार का इतिहास

अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज ( AMEX ) की शुरुवात सन १८०० में हुई थी | १९२१ थक इस एक्सचेंज को “कर्ब एक्सचेंज” से नाम से भी जाना जाता रहा है | इसका अधिकारिक निर्माण समय १९२१ ही पकड़ा जाता है क्योकि इसी साल इसका स्थान्तरण ट्रिनिटी चर्च के करीब नए आवास में हुआ था | मगर ये आधिकारिक तरह अमिरीकी शेयर बाज़ार १९५३ में ही घोषित हुआ | नोव्हेंबर १९९८ में इस एक्सचेंज का विलय नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ सिक्योरिटीज डीलर्स से होकर “नैस्डेक-एमेक्स एक्सचेंज” की सुरुवात हुई |
ऑक्टोबर २००८ में अमिरीकी स्टॉक एक्सचेंज का अधिग्रहण NYSE euronext ने किया | तब से धीरे धीरे एमेक्स का कम और डाटा सब NYSE में परिवर्तित किया गया और एमेक्स को बंद कर दिया गया | जनवरी २००९ से इस एक्सचेंज का अधीकारिक नामकरण NYSE amex हो गया |

The Author

Pramod Baviskar

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